जमाना जब भी मुझे मुश्किल में डाल देता है मेरा रब हजारों रास्ते निकाल देता है। सांप को दूध पिलाने से ज़हर ही पड़ता है ना कि अमृत। संक
जमाना जब भी मुझे मुश्किल में डाल देता है मेरा रब हजारों रास्ते निकाल देता है। सांप को दूध पिलाने से ज़हर ही पड़ता है ना कि अमृत। संक